एक अनाथ बच्चे को सबसे ज्यादा किस चीज की जरूरत होती है? एक परिवार की। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार ‘पालनहार योजना’ लेकर आई है। यह एक ऐसी योजना है जो बच्चों को अनाथालयों में भेजने के बजाय, उनके किसी रिश्तेदार को उनका ‘पालनहार’ बनाकर, बच्चे की पढ़ाई और पालन-पोषण का खर्च उठाती है।
आज के इस आर्टिकल में हम विस्तार से बेहद आसान शब्दों में समझेंगे कि पालनहार योजना क्या है, इसके क्या फायदे हैं और इसका लाभ कैसे उठाया जा सकता है।
Rajasthan Palanhar Yojana के लिए पात्रता
Palanhar Yojana का लाभ खास तौर पर उन बच्चों को मिलता है जिन्हें सहारे की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। इनमें शामिल हैं:
1. अनाथ बच्चे: वे बच्चे जिनके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
2. सजा काट रहे माता-पिता के बच्चे: ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनों को उम्रकैद (आजीवन कारावास) या मृत्युदंड की सजा मिली हो। या फिर माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई हो और दूसरे को ऐसी सजा मिली हो।
3. विधवा माता के बच्चे: ऐसी विधवा माँ के बच्चे जिन्हें निराश्रित पेंशन मिलती हो (इस योजना का लाभ उनके अधिकतम 3 बच्चों को ही मिलता है)।
4. दूसरी शादी करने वाली विधवा के बच्चे: ऐसी विधवा माँ जिन्होंने दूसरी शादी (पुनर्विवाह) कर ली हो, उनके बच्चे।
5. HIV/AIDS से पीड़ित माता-पिता के बच्चे: अगर माता-पिता एच.आई.वी./एड्स जैसी बीमारी से जूझ रहे हैं, तो उनके बच्चे भी इस योजना के पात्र हैं।
6. कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चे: कुष्ठ रोग से प्रभावित माता या पिता के बच्चे।
7. नाता प्रथा के तहत जाने वाली माँ के बच्चे: ‘नाता’ प्रथा के तहत दूसरे परिवार में शामिल होने वाली माँ के बच्चे (अधिकतम 3 बच्चों तक)।
8. दिव्यांग माता-पिता के बच्चे: अगर माता-पिता विशेष योग्यजन (दिव्यांग) हैं, तो उनके बच्चों को इसका लाभ मिलता है।
9. तलाकशुदा या बेसहारा महिला के बच्चे: ऐसी महिला जिसका तलाक हो गया हो या जिसे उसके पति ने छोड़ दिया हो (परित्यक्ता), उनके बच्चे।
Palanhar Yojana के तहत आर्थिक मदद
Palanhar Yojana के तहत बच्चों की देखभाल और पढ़ाई के लिए सरकार हर महीने सीधे बैंक खाते में पैसे भेजती है। उम्र के हिसाब से यह मदद इस प्रकार है:
1. 0 से 6 साल तक के बच्चों के लिए:
• हर महीने 500 रुपये की सहायता दी जाती है।
• शर्त: इस लाभ के लिए बच्चे का पास के आंगनबाड़ी केंद्र में जाना अनिवार्य है।
2. 6 से 18 साल तक के बच्चों के लिए:
• हर महीने 1000 रुपये की सहायता दी जाती है।
• शर्त: इस उम्र के बच्चों का स्कूल (विद्यालय) जाना अनिवार्य है।
3. कपड़े और जूतों के लिए अतिरिक्त मदद:
• हर महीने मिलने वाली राशि के अलावा, बच्चों के कपड़े, स्वेटर, जूते आदि खरीदने के लिए साल में एक बार 2000 रुपये अलग से दिए जाते हैं।
महत्वपूर्ण नोट: यह 2000 रुपये की अतिरिक्त सालाना राशि उन बच्चों को नहीं मिलती है, जो ‘विधवा माता’ या ‘नाता प्रथा’ वाली श्रेणी में आते हैं।
Palanhar Yojana का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें
इस योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी नियम तय किए हैं, जिन्हें पूरा करना आवश्यक है:
1. आय सीमा: जो परिवार (पालनहार) बच्चे की जिम्मेदारी ले रहा है, उनकी साल भर की कुल कमाई (वार्षिक आय) 1.20 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
2. उम्र की सीमा: जिस बच्चे के लिए सहायता का आवेदन किया जा रहा है, उसकी उम्र 18 साल से कम होनी चाहिए।
3. राजस्थान का निवासी होना: आवेदन करने की तारीख से ठीक पहले, पालनहार और बच्चा दोनों कम से कम पिछले 3 सालों से राजस्थान में रह रहे हों।
Palanhar Yojana के लिए कौन-से दस्तावेज़
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन के साथ कुछ जरूरी कागज लगाने होते हैं। इन्हें आसानी से समझने के लिए हमने दो हिस्सों में बांटा है:
1. आपकी श्रेणी के अनुसार जरूरी कागज:
• अनाथ बच्चों के लिए: माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र ।
• सजा काट रहे माता-पिता के बच्चों के लिए: कोर्ट के फैसले या सजा की कॉपी।
• विधवा, तलाकशुदा या बेसहारा माता के बच्चों के लिए: उन्हें मिल रही सामाजिक सुरक्षा पेंशन का पी.पी.ओ. आदेश।
• दूसरी शादी करने वाली विधवा के बच्चों के लिए: माँ की दूसरी शादी (पुनर्विवाह) का प्रमाण पत्र।
• HIV/AIDS से पीड़ित माता-पिता के बच्चों के लिए: ART सेंटर से जारी की गई ए.आर.डी. डायरी (‘ग्रीन डायरी’) की कॉपी।
• कुष्ठ रोग से पीड़ित माता-पिता के बच्चों के लिए: मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किया गया चिकित्सा प्रमाण पत्र।
• नाता जाने वाली माता के बच्चों के लिए: माता को ‘नाता’ गए हुए एक साल से ज्यादा समय बीत जाने का प्रमाण पत्र।
• दिव्यांग माता-पिता के बच्चों के लिए: मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी 40% या उससे ज्यादा विकलांगता का प्रमाण पत्र।
2. सभी के लिए कुछ अन्य जरूरी कागज:
ऊपर दिए गए कागजों के अलावा, पालनहार और बच्चे के कुछ बेसिक डाक्यूमेंट्स भी चाहिए:
• पालनहार की पहचान: पालनहार का जन-आधार नंबर
• पते का सबूत: पालनहार का मूल निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड की कॉपी।
• आय प्रमाण पत्र: यह साबित करने के लिए कि परिवार की सालाना कमाई 1.20 लाख रुपये से कम है। (ध्यान दें: विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिलाओं को आय प्रमाण पत्र बनवाने की जरूरत नहीं है, उनका पेंशन आदेश ही काफी माना जाएगा।)
• बच्चे की पहचान: बच्चे का आधार कार्ड ।
• देखभाल का सबूत: बच्चे का पालन-पोषण करने का प्रमाण पत्र।
• पढ़ाई का सबूत: बच्चे के आंगनबाड़ी केंद्र में रजिस्टर्ड होने या स्कूल में पढ़ने का प्रमाण पत्र।
Palanhar Yojana के लिए आवेदन कैसे करें?
योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है। इसे आम लोगों के लिए बहुत ही सरल बनाया गया है। आवेदन करने के लिए इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
1. सबसे पहले सभी दस्तावेज़ तैयार करें : ओरिजिनल कॉपी और एक-एक फोटोकॉपी अपने पास रख लें।
2. नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाएं
3. ऑनलाइन फॉर्म भरवाएं : ई-मित्र संचालक (ऑपरेटर) को बताएं कि आप ‘पालनहार योजना’ के लिए आवेदन करना चाहते हैं। 4. रसीद जरूर लें: फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट होने के बाद, ई-मित्र ऑपरेटर से अपने आवेदन की रसीद लेना बिल्कुल न भूलें।
कुछ जरूरी बातें :
• फॉर्म भरवाते समय अपना चालू मोबाइल नंबर ही दें, ताकि योजना से जुड़े सभी मैसेज आपको फोन पर मिल सकें।
• बैंक खाते की जानकारी (पासबुक) बिल्कुल सही दें, क्योंकि सहायता राशि सीधे उसी खाते में आएगी।
Palanhar Yojana का स्टेटस कैसे चेक करें?
रसीद पर एक एप्लीकेशन नंबर (Application Number) लिखा होता है। इस नंबर की मदद से आप भविष्य में कभी भी यह चेक कर सकते हैं कि आपका फॉर्म पास (Approve) हुआ है या नहीं।
इन आसान स्टेप्स को Follow करके आप अपने आवेदन का स्टेटस चेक कर सकते हैं:
1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ: सबसे पहले अपने फोन या कंप्यूटर के ब्राउज़र में सरकार की ऑफिसियल वेबसाइट खोलें। आप इन दोनों में से किसी भी वेबसाइट लिंक का उपयोग कर सकते हैं:
http://palanhaar.rajasthan.gov.in
http://sje.rajasthan.gov.in
2. स्टेटस का लिंक खोजें: वेबसाइट के होमपेज पर आपको ‘Application Status’ (आवेदन की स्थिति देखने हेतु) या ‘Palanhar Payment Status’ का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
3. अपनी जानकारी भरें: अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा। यहाँ आपको ई-मित्र से मिली रसीद पर लिखा अपना आवेदन क्रमांक (Application Number) या अपना जन-आधार/भामाशाह नंबर दर्ज करना होगा।
4. स्टेटस चेक करें: सही जानकारी भरने के बाद ‘Search’ या ‘Get Status’ बटन पर क्लिक करें। ऐसा करते ही स्क्रीन पर आपके फॉर्म के अप्रूवल और आपके बैंक खाते में भेजे गए पेमेंट से जुड़ी पूरी रिपोर्ट आ जाएगी।
निष्कर्ष:
पालनहार योजना यह सुनिश्चित करती है कि माता-पिता को खोने का दर्द झेल रहे बच्चों का बचपन आर्थिक तंगी की भेंट न चढ़े। अगर हर पात्र बच्चे को इस योजना का लाभ मिल जाए, तो समाज की तस्वीर बदल सकती है।
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